क्या है डायबिटीज और इसके लक्षण

Diabetes Symptoms In Men

Diabetes Symptoms In Men

डायबिटीज को समझने से पहले आपको पहले ग्लूकोज और इन्सुलिन के बारे में समझना होगा। ये जानना होगा कि ग्लूकोज का हमारे शरीर में क्या काम है और इंसुलिन हमारे शरीर में शूगर के लेवल को कैसे नियंत्रित करता है।

कैसे करता है इंसुलिन काम
इंसुलिन शरीर में पाए जाने वाला एक हार्मोन है। ये हार्मोन पेट के निचले हिस्से में पीछे की तरफ स्थित एक ग्रंथि जिसे पेनक्रियास कहत हैं, से निकलता है। ये इंसुलिन ही हमारे शरीर में अहम किरदार अदा करता है, शूगर को काबू में करने के लिए। पेनक्रियास हमारे खून में इंसुलिन छोड़ता है और इंसुलिन ब्लड के जरिए हमारे कोशिकाओं में शूगर को पहुंचाता है। ब्लड में शूगर की मात्रा को कम करने के लिए ये बहुत अहम होता है।

शूगर का क्या होता है शरीर में प्रयोग
शूगर को ग्लूकोज भी कहते हैं। ग्लूकोज ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है। इसके जरिए कोशिकाएं मांसपेशियों का निर्माण करती है और दूसरे टिशू बनाती हैं। शरीर को ग्लूकोज दो तरीके से मिलता है। पहला भोजन से और दूसरा लीवर से। शरीर में ब्लड को शूगर सोख लेता है और इंसुलिन के जरिए कोशिकाओं में प्रवेश करता है। लीवर में भी ग्लाइकोजन के रूप में ग्लूकोज जमा रहती है। लंबे समय तक भूखे रहने पर हमारे शरीर में ग्लूकोज का लेवल कम हो जाता है, तब लीवर ग्लाइकोजन को ग्लूकोज में तोड़कर शरीर में ग्लूकोज के लेवल को बनाए रखता है।

टाइप वन डायबिटीज के कारण
टाइप वन डायबिटीज सबसे ज्यादा खतरनाक होती है। इसके कारणों के बारे में अभी तक सही जानकारी नहीं मिल पाई है। ऐसा माना जाता है कि शरीर में हानिकारक बेक्टीरिया और वायरस पेनक्रियास में इंसुलिन पैदा करने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके कारण इंसुलिन या तो कम हो जाता है या बनना बंद हो जाता है। नतीजे में शूगर का लेवल ब्लड में लगातार बढ़ता चला जाता है। टाइप वन डायबिटीज जेनेटिक भी हो सकता है या फिर पर्यावरण के कारणों से भी हो सकता है। हालांकि, इस बारे में अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।

टाइप-टू डायबिटीज
इस डायबिटीज के मरीज दुनिया में सबसे ज्यादा हैं। भारत में भी टाइन-टू मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ये भी इंसुलिन की कमी के कारण होती है। पेनक्रियास जब इंसुलिन का उत्पादन कम करता है तो इस तरह की डायबिटीज हो जाती है। इसके कारण शुगर का लेवर ब्लड में बढ़ जाता है। इंसुलिन की कमी से शूगर ब्लड से कोशिकाओं में नहीं जा पाता है। इसके कारण भी अभी साफ नहीं है। लेकिन, जेनेटिक और पर्यावरण के कारणों का इसमें रोल माना जाता है। मोटापा भी इसका कारण होता है।

गर्भावधि डायबिटीज के कारण
गर्भधारण के दौरान महिलाओं के प्लेसेंटा से हार्मोन निकलते हैं। ये हारमोन शरीर की कोशिकाओं को इंसुलिन के लिए ज्यादा प्रतिरोधी बना देते है। आम शब्दों में कहे तो कोशिकाएं आसानी से शूगर नहीं ले पाती है। आमतौर पर ऐसी स्थिति में पेनक्रियास ज्यादा इंसुलिन छोड़ता है। लेकिन, जब पेनक्रियास ऐसा करना बंद कर देता है तो ब्लड में शूगर का स्तर बढ़ जाता है।
डायबिटीज के लक्षण
प्यास ज्यादा लगना
सिर में दर्द रहना
किसी काम में मन ना लगना
आंखों की रोशनी कमजोर होना
बार-बार पेशाब आना, खासतौर से रात में ज्यादा आना
थकान रहना और कमजोरी होना
वजन का अचानक से कम होना
ये भी होते हैं लक्षण
जननांगों और त्वचा में इंफेक्शन
शरीर में लगे घावों का देरी से भरना
आंखों की रोशनी का ज्यादा कमजोर होना
तलवों में चुभन और गुदगुदी होना
बालों का झड़ना
सेक्स पॉवर का कम होना
डायरिया और अपच की शिकायत

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