ब्लड और ब्लड कंपोनेंट की अदला—बदली कर सकेंगे ब्लड बैंक

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केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी अनुमति, पहले नहीं थी गाइडलाइन
ब्यूरो। 
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नेशनल ब्लड ट्रॉन्फूजन काउंसिल की सिफारिश पर सुरक्षित रक्त सुनिश्चित करने और रक्त उत्पादों तक पहुंच बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के रूप में रक्त और रक्त के घटकों के बेहतर उपयोग की दिशा में दो प्रमुख पहलों की पहचान की है। पहला कदम एक ब्लड बैंक से दूसरे ब्लड बैंक को रक्त हस्तांतरित करना है। पहले इसकी अनुमति नहीं थी और अब इस कदम से रक्त की कमी वाले स्थानों पर भी रक्त हस्तांतरित करने में मदद मिलेगी। ब्लड बैंकों के बीच उचित और प्रभावी तरीके से रक्त के हस्तांतरण के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। 
 
दूसरा कदम देश में कुछ ब्लड बैंकों में उपलब्ध अतिरिक्त प्लाज़्मा के लिए मूल्य विनिमय तय करना है। कोई प्रावधान नहीं होने से ब्लड बैंक अतिरिक्त प्लाज़्मा का व्यापार करते या बिना किसी नियमन के बेच देते थे। अब प्लाज़्मा के विनिमय का मूल्य 1600 रूपये प्रतिलीटर तय किया गया है और ब्लड बैंक अपने अतिरिक्त प्लाज़्मा को उपयोग, उपकरण या प्लाज़्मा से उत्पन्न उत्पादों के लिए अपनी आवश्यकता के अनुसार विनिमय कर सकता है। हालांकि इस विनिमय में पैसे का लेन-देन नहीं होगा। इस कदम से प्लाज़्मा से उत्पन्न मानव श्वेतक, इम्युनोग्लोबिलिन, रक्त का थक्का जमाने वाले अवयव आदि जैसी आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयों की उपलब्धता बढ़ने की आशा है। इस कदम से इन उत्पादों के आयात पर देश की निर्भरता भी कम होगी। 
 
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत नेशनल ब्लड ट्रांफ्यूजन काउंसिल देश में संगठन, रक्त के परिचालन, मानक और सतत तथा सुरक्षित रक्त-आधान सेवा से संबंधित मामलों में नीति निर्धारण के लिए एक शीर्ष निकाय है जिसकी स्थापना माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अंतर्गत की गयी है। 

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