बिना दवाओं के भी हैं रोगों का इलाज संभव, जानिये कैसे, देखें वीडियो

बिना दवाओं के भी हैं रोगों का इलाज संभव, जानिये कैसे, देखें वीडियो

ब्यूरो। क्या आप परेशान है, क्या आपको कामयाबी नहीं मिल रही है, घर में झगडा, परिवार में क्लेश रहती है। क्या आपको अपने बिजनेस में हानि हो रही है, या किसी गंभीर रोग से पीडित हैं। अगर हां तो आपको इन सब समस्याओं का इलाज करने के लिए लाखों रुपए डॉक्टरों को देनें होंगे, जो दवाओं से आपका ईलाज करेंगे। लेकिन हरिद्वार के डा. अजय मगन एक ऐसी पद्धति लेकर आए हैं जो दुनिया की सबसे पुरानी तकनीक है और जो बिना दवाओं के इंसानों का इलाज करती है। डा….

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टूरिस्ट और ई—टूरिस्ट वीजा वाले ले सकेंगे योग शिविरों में भाग

टूरिस्ट और ई—टूरिस्ट वीजा वाले ले सकेंगे योग शिविरों में भाग

ब्यूरो। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने टूरिस्‍ट वीजा और ई-टूरिस्‍ट वीजा में अल्‍पकालीन योग कार्यक्रम शामिल करने का निर्णय लिया है। योग के महत्‍व और विश्‍व में इसके प्रचार-प्रसार को देखते हुए सरकार ने टूरस्टि वीजा के तहत अनुमन्‍य गतिविधियों की सूची में अल्‍पकालीन योग कार्यक्रम में भाग लेने को शामिल कर लिया है। सरकार ने अल्‍पकालीन योग कार्यक्रम को शामिल करने के साथ भारतीय औषधि पद्धति द्वारा अल्‍पकालीन चिकित्‍सीय उपचार को ई-टूरिज्‍म वीजा की अनुमन्‍य गतिविधियों में शामिल करने का फैसला किया है। इस समय टूरिस्‍ट वीजा के तहत विदेशियों…

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बाबा की पुत्र जीवक बीज पर अयुर्वेदाचार्यों की राय

बाबा की पुत्र जीवक बीज पर अयुर्वेदाचार्यों की राय

ब्यूरो। बाबा रामदेव की पुत्र जीवक बीज पर आयुर्वेदाचार्यों ने अपनी राय दी है। आयुर्वेद के विशेषज्ञ प्रोफेसरों ने बाबा रामदेव की पुत्र जीवक बीज के फार्मूले को सही माना है। इनके मुताबिक पुत्र प्राप्ति के लिए दवा का उल्लेख आयुर्वेद में किया गया है। आयुर्वेद डॉक्टरों का कहना है कि पुत्र जीवक बीज ही नहीं बल्कि पुंसवन संस्कार के जरिए भी पुत्र प्राप्ति की जा सकती है। हालांकि, उन्होंने लिंगानुपात को लेकर इसके प्रयोग को नियमित करने की भी बात कही। बाबा रामदेव की पुत्र जीवक बीज काफी विवादों…

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डायबिटीज में अहम रोल निभा सकता है आयुर्वेद

डायबिटीज में अहम रोल निभा सकता है आयुर्वेद

समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो0 एस0पी0 मिश्रा जी ने कहा सारी दुनियां में डायबिटीज के आठ करोड़ मरीज हैं, इसमें बाल वृद्ध, तरूण सभी आयु वर्ग के लोग हंै, यह संख्या दिनों-दिन बढ़ते जाने का अनुमान है। इसके अलावा अस्थमा, किडनी आदि अनेक रोगों में जीवन भर दवाई खाने के अलावा कोई विकल्प वर्तमान आधुनिक चिकित्सा पद्धति के पास नहीं है। इस संकट का समाधान आयुर्वेद की संस्थाएं एवं आयुर्वेद के विद्वान ही निकाल सकते हैं । पंचकर्म भी इसमें अपनी भूमिका निभा सकता हैं। प्रो. मिश्रा उत्तराखण्ड…

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लापरवाही से लाइलाज बन जाता है अस्थमा

लापरवाही से लाइलाज बन जाता है अस्थमा

ब्यूरो। अस्थमा एक लंबे समय की फेफड़ों से जुड़ी बिमारी है जो सांस की नली को संकरा करती है। अस्थमा पिछले कुछ सालों से तेजी से बढ़ती जा रही है। पर्यावरण का प्रदूषण होना भी इसका एक कारण है। हाल ही में दिल्ली स्थित एम्स में अस्थमा और एलर्जी पर मंथन हुआ। इसमें देश भर के डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। उत्तराखण्ड के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप निगम भी इसमें पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि अस्थमा भारत में विकराल रूप लेता जा रहा है। ये भारत में खतरनाक स्थिति में…

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यूनानी चिकित्सा पद्धति

यूनानी चिकित्सा पद्धति

यूनानी चिकित्सा पद्धति स्वास्थ्य के संवर्धन और रोग के निवारण से संबंधित सुस्थापित ज्ञान और अभ्यास पर आधारित चिकित्सा विज्ञान है। यह बहुत समृद्ध और समय पर खरी उतरी कुप्रभाव रहित उपचार की पद्धति है। यद्यपि यूनानी पद्धति का उद्गम यूनान में हुआ ऐसा माना जाता है, तथा यह पद्धति भारत में मध्यकाल मे लाई गई थी किन्तु, इसकी व्यापक स्वीकार्यता और लोगों द्वारा इसके निरंतर प्रयोग के कारण कालांतर में भारत के लिए स्वदेशी पद्धति हो गई है एवं पूरे देश्‍ा के लोगो में इसकी बडी मांग है। यह…

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