यौन शोषण की शिकार महिलाओं को तीन लाख की सहायता

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— बंधुआ मजदूर पुनर्वास योजना में होगा संशोधन
— ट्रांसजेंडर के लिए भी की गई है व्यवस्था
ब्यूरो। सरकार बंधुआ मजदूर पुनर्वास योजना में संशोधन कर रही है और वित्तीय सहायता राशि को 20,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर रही है। इस योजना में बजट प्रावधान को 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर तकरीबन 47 करोड़ रुपये प्रति वर्ष करने का प्रस्‍ताव है। श्रम एवं रोजगार राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार)बंडारू दत्तात्रेय ने प्रस्‍तावित योजना की घोषणा करते समय यह जानकारी दी। जहां एक ओर सर्वाधिक वंचित, हाशिए पर पड़े व्‍यक्ति जैसे कि दिव्‍यांगों, तस्करी एवं यौन शोषण से मुक्‍त कराई गई महिलाओं एवं बच्‍चों और ट्रांसजेंडर को 3 लाख रुपये मिलेंगे, वहीं इस क्रम में दूसरे स्‍थान पर आने वाली महिलाओं एवं नाबालिगों की विशेष श्रेणी को अब 2 लाख रुपये मिलेंगे। मंत्री महोदय ने बताया कि एक सामान्य वयस्क पुरुष बंधुआ मजदूर को 1 लाख रुपये मिलेंगे।
श्री दत्तात्रेय ने बताया कि इस नये पैकेज के तहत रकम को एक वार्षिकी खाते में रखा जायेगा, जो जिला मजिस्ट्रेट द्वारा नियंत्रित होगा और सुविधापूर्ण जिंदगी सुनिश्चित करने के लिए लाभार्थी के खाते में मासिक आमदनी जायेगी। जब तक जिला मजिस्‍ट्रेट निर्णय नहीं लेंगे, तब तक इस खाते में पड़ी राशि को कोई निकाल नहीं सकेगा।
इस नई योजना की एक खासियत यह है कि इसके जरिये बंधुआ मजदूरी के नये स्‍वरूपों जैसे कि किसी गिरोह द्वारा संगठित तरीके से भीख मंगवाया जाना, जबरन वेश्यावृत्ति और बाल श्रम शामिल हैं जिसके लिए महिलाओं, विकलांग और ट्रांसजेंडर का बेरहमी से ताकतवर तत्वों द्वारा उपयोग किया जाता है।
इस योजना में संशोधन करने के तुरंत बाद कारगर क्रियान्‍वयन सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 1976 के नियमों में संशोधन किया जायेगा।

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