विश्व स्वास्थ्य संगठन के नए महानिदेशक का ऐलान

dr trodus

ब्यूरो।

केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नडडा ने आज डॉ. टेड्रोस एधानोम घेब्रेयेसस को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक के तौर पर नियुक्त होने पर बधाई दी तथा यह कहा कि विशेष रूप से विकासशील देशों की स्वास्थ्य समस्याओं में कमी लाने के लिए सशक्त और अनुकूल स्वास्थ्य प्रणाली का निर्माण करने की दिशा में भारत डब्ल्यूएचओ के नए महानिदेशक के साथ कार्य करने का इच्छुक है। डॉ. टेड्रोस एधानोम घेब्रेयेसस को इथोपिया सरकार द्वारा नामित किया गया था और वे 01 जुलाई, 2017 को अपना कार्यकाल आरंभ करेंगे, जो पांच वर्ष का होगा।

इससे पूर्व, नड्डा ने जिनेवा में विश्व स्वास्थ्य संगठन के 70वें पूर्ण अधिवेशन को संबोधित किया। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने – ‘सतत् विकास के लिए वर्ष 2030 के लक्ष्यों की ओर अग्रसर : स्वास्थ्य के लिए बेहतर प्रणालियों का निर्माण’ विषय पर सम्बोधन दिया।

श्री नड्डा ने कहा “भारत सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण तथा किफायती स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है। हमने इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण कार्यक्रमों में नीतिगत निवेश किया है। हम स्वास्थ्य प्रणालियों को और सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

श्री नड्डा ने प्रतिभागियों को यह जानकारी भी दी कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, 2017 में विभिन्न लक्ष्यों को प्राप्त करने का खाका तैयार किया गया है। “नीति को सकारात्मक कार्रवाई में बदलने के लिए हम राज्यों, संघ राज्य क्षेत्रों, शिक्षाविदों व विकासपरक सहभागियों के साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं।” उन्होंने बताया कि ” एक राष्ट्रीय एसडीजी-3 कार्यबल की स्थापना की गई है जिसमें प्रमुख मंत्रालयों, एजेंसियों व विशेषज्ञों का प्रतिनिधित्व है ।”

सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि भारत सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (यूएचसी) को प्राप्त करने हेतु प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य एवं आरोग्य केन्द्रों के माध्यम से स्वास्थ्य प्रणालियों के सुदृढ़ीकरण व सार्वभौमिक व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य परिचर्या की यूएचसी के लिए गैर-पराक्रम्य कार्यनीतियों के रूप में पहचान की गई है। श्री नड्डा ने बताया कि ‘’हमारी योजना वर्ष 2020 तक 90% प्रतिरक्षण कवरेज प्राप्त करने की है। आम गैर-संचारी रोगों के लिए हम सार्वभौमिक जनसंख्या आधारित जांच आरंभ कर रहे हैं। जन स्वास्थ्य सेवा प्रदायगी में गुणवत्ता सुधार पर अधिक ध्यान दिया गया है। हमारी योजना है कि जन स्वास्थ्य सुविधा केन्द्रों में अनिवार्य औषधियां व नैदानिक जांच नि:शुल्‍क प्रदान की जाए’’।

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